देशभक्ति से ओतप्रोत मित्रों ने ४-५ दिन तक अपने विचारों को कविता के माध्यम से फेसबुक पे कुछ इस तरह व्यक्त किया..
Devendra:
चना चिरोंजी हो गए , हड्डी बनी अचार ,
कांग्रेज़ क राज्य में दल्ले बने पत्रकार.
Peeyush:
दल्ले बने पत्रकार..भैया कलयुग है ये घोर...!!
Zero tolerance .. थे जो कहते फिरते....वही निकल आये चोर...!!!
Sunil:
पत्रकार है दल्ला बेचे गली गली में देश !
नेता बनिया सांठ गाँठ कौन बचाए देश !!
Sunil:
नेहरु ने जो बोया बीज गांधी जी के नाम पर !
देश अभी तक ढो रहा गद्दारों को छाती पर !!
Sunil:
गद्दी पाने की साजिश में देश की लूटिया डूब चली है !
घोटालों के बारूदों में जल राह तरक्की भूल चली है !!
Peeyush:
कौन बचाए देश कि... यहाँ सब हैं चोर-चुहाड़ ....
चूस लिया है देश को...खूब किया खिलवाड़...!!
Sunil:
खूब किया खिलवाड़ की भैया आई ऐसी विपदा!
हुआ कलंकित देश है इन घोटालों में लिपटा!!
Peeyush:
वो जिनको नहीं कुछ लेना ..बापू जी के काम से ...
जोड़कर रखा है बिना बात के .. गाँधी अपने नाम से ...!!
Sunil:
समाचार को तोड़ तोड़ कर भरम ढेर फैलाया है !
चोरों से ही जांच कराकर चोरी खूब छिपाया है !!
Saurabh:
चोरी खूब छिपाया भैया, डाकूओ को मिली शाबाशी,
भ्रस्टाचारी को भारतवर्ष मे कभी न होगी फासी |
Sunil:
अजब खेल में है फंस गए सारे भारतवासी !
घोटाले के बाद भी न्याय में क्यूँ ख़ामोशी !!
Saurabh:
ख़ामोशी की बात न करो, आज हुंकार उठा बिहार हैं |
ओ लालू ओ राहुल बाबा, ये शोषित मानुष की मार हैं ||
Sunil:
चलो कहीं से फूटी हैं आशा की किरणे देश में!
घोर अँधेरा छट जायेगा ऐसे जन आक्रोशों से !!
Saurabh:
अब भूल न जाना ऐ भारतवासी ये कांग्रेसी कमिसनखोरी ,
भारत माता पुकार रही हैं, अब तो बचा लो लाज मोरी |
माना मनमोहन के मन में, नहीं हैं निहित स्वार्थ ,
पर सत्ता लोलुपता में क्यों भुला दिया पुरुषार्थ |
... भुला दिया पुरुषार्थ, तो अब नचा रही हैं इतालवी छोरी,
10 जनपथ पे शीश झुका कहते हो, मैडम आई म सॉरी |
Sunil:
मनमोहन का निहित स्वार्थ तो सत्ता ही है भाई !
चिपक गए है कुर्सी से ये सोनिया जी (G) के हलुवाई !!
Sunil:
माता सोनिया के कहने से घोटाले करवाएंगे
चुप्पी ऐसी साधेंगे और माफ़ी भी मनवाएंगे
Peeyush:
अभागा ये देश है भैया ...जो ऐसे हैं लोग....
खा रहे हैं दीमक सा ...लगा रहे हैं रोग
Saurabh:
लगा ऐसा रोग की भैया, अब एक ही हैं इलाज ,
आओ मिल जुल के खतम करे , ये पाखंडी राज |
Peeyush:
ये पाखंडी राज...कि.. बिहार ने कर दिखलाया है ...
चोरो को ...लुटेरों को..जूते मार भगाया है...!!!
Saurabh:
जूते मार भगाया ऐसा की बूझ गयी लालटेन,
लालू जी डूबी लुटिया, लुट जाया सुख चैन |
Sunil:
कलमाड़ी ,राजा, चावन देश को गिरवी रखेंगे !
चंद पैसों की लालच में अपनी मां को बेचेंगे !!
कब जागेंगे देश के वासी इनको दूर भगायेंगे !
सोनिया को इटली लौटा पैसा स्विस से लायेंगे !!
Peeyush:
चवन, कलमाड़ी , राजा...सब कांग्रेस के सिपाही..
मिलकर.. देश के दामन पर...पोत रहे हैं स्याही..!!
Sunil:
कहने को जनतंत्र नाम है शासक सत्ता फिर क्यूँ है !
जब नेता सेवक कहलाते जनता शोषित फिर क्यूँ है !!
Saurabh:
आओ आपको आज सुनाये, एक खबर एकदम ताजा |
गुम होने लगे कानूनी कागज़, यार अब चैन से सोओ राजा ||
Peeyush:
सोनिया जब, बहु है उनकी .....फिर क्यूँ कसब को दामाद बनाया...
कांग्रेस में रिश्तों का तिकड़म ....यारों मुझको समझ न आया .....!!
Sunil:
भ्रष्टाचारी लोकतंत्र में जनता केवल मोहरा है !
जन पीड़ा अनुमान किसे, घाव बहुत ही गहरा है !!
Saturday, January 15, 2011
भ्रष्टाचारी लोकतंत्र
देशभक्ति से ओतप्रोत मित्रों ने ४-५ दिन तक अपने विचारों को कविता के माध्यम से फेसबुक पे कुछ इस तरह व्यक्त किया..
Devendra:
चना चिरोंजी हो गए , हड्डी बनी अचार ,
कांग्रेज़ क राज्य में दल्ले बने पत्रकार.
Peeyush:
दल्ले बने पत्रकार..भैया कलयुग है ये घोर...!!
Zero tolerance .. थे जो कहते फिरते....वही निकल आये चोर...!!!
Sunil:
पत्रकार है दल्ला बेचे गली गली में देश !
नेता बनिया सांठ गाँठ कौन बचाए देश !!
Sunil:
नेहरु ने जो बोया बीज गांधी जी के नाम पर !
देश अभी तक ढो रहा गद्दारों को छाती पर !!
Sunil:
गद्दी पाने की साजिश में देश की लूटिया डूब चली है !
घोटालों के बारूदों में जल राह तरक्की भूल चली है !!
Peeyush:
कौन बचाए देश कि... यहाँ सब हैं चोर-चुहाड़ ....
चूस लिया है देश को...खूब किया खिलवाड़...!!
Sunil:
खूब किया खिलवाड़ की भैया आई ऐसी विपदा!
हुआ कलंकित देश है इन घोटालों में लिपटा!!
Peeyush:
वो जिनको नहीं कुछ लेना ..बापू जी के काम से ...
जोड़कर रखा है बिना बात के .. गाँधी अपने नाम से ...!!
Sunil:
समाचार को तोड़ तोड़ कर भरम ढेर फैलाया है !
चोरों से ही जांच कराकर चोरी खूब छिपाया है !!
Saurabh:
चोरी खूब छिपाया भैया, डाकूओ को मिली शाबाशी,
भ्रस्टाचारी को भारतवर्ष मे कभी न होगी फासी |
Sunil:
अजब खेल में है फंस गए सारे भारतवासी !
घोटाले के बाद भी न्याय में क्यूँ ख़ामोशी !!
Saurabh:
ख़ामोशी की बात न करो, आज हुंकार उठा बिहार हैं |
ओ लालू ओ राहुल बाबा, ये शोषित मानुष की मार हैं ||
Sunil:
चलो कहीं से फूटी हैं आशा की किरणे देश में!
घोर अँधेरा छट जायेगा ऐसे जन आक्रोशों से !!
Saurabh:
अब भूल न जाना ऐ भारतवासी ये कांग्रेसी कमिसनखोरी ,
भारत माता पुकार रही हैं, अब तो बचा लो लाज मोरी |
माना मनमोहन के मन में, नहीं हैं निहित स्वार्थ ,
पर सत्ता लोलुपता में क्यों भुला दिया पुरुषार्थ |
... भुला दिया पुरुषार्थ, तो अब नचा रही हैं इतालवी छोरी,
10 जनपथ पे शीश झुका कहते हो, मैडम आई म सॉरी |
Sunil:
मनमोहन का निहित स्वार्थ तो सत्ता ही है भाई !
चिपक गए है कुर्सी से ये सोनिया जी (G) के हलुवाई !!
Sunil:
माता सोनिया के कहने से घोटाले करवाएंगे
चुप्पी ऐसी साधेंगे और माफ़ी भी मनवाएंगे
Peeyush:
अभागा ये देश है भैया ...जो ऐसे हैं लोग....
खा रहे हैं दीमक सा ...लगा रहे हैं रोग
Saurabh:
लगा ऐसा रोग की भैया, अब एक ही हैं इलाज ,
आओ मिल जुल के खतम करे , ये पाखंडी राज |
Peeyush:
ये पाखंडी राज...कि.. बिहार ने कर दिखलाया है ...
चोरो को ...लुटेरों को..जूते मार भगाया है...!!!
Saurabh:
जूते मार भगाया ऐसा की बूझ गयी लालटेन,
लालू जी डूबी लुटिया, लुट जाया सुख चैन |
Sunil:
कलमाड़ी ,राजा, चावन देश को गिरवी रखेंगे !
चंद पैसों की लालच में अपनी मां को बेचेंगे !!
कब जागेंगे देश के वासी इनको दूर भगायेंगे !
सोनिया को इटली लौटा पैसा स्विस से लायेंगे !!
Peeyush:
चवन, कलमाड़ी , राजा...सब कांग्रेस के सिपाही..
मिलकर.. देश के दामन पर...पोत रहे हैं स्याही..!!
Sunil:
कहने को जनतंत्र नाम है शासक सत्ता फिर क्यूँ है !
जब नेता सेवक कहलाते जनता शोषित फिर क्यूँ है !!
Saurabh:
आओ आपको आज सुनाये, एक खबर एकदम ताजा |
गुम होने लगे कानूनी कागज़, यार अब चैन से सोओ राजा ||
Peeyush:
सोनिया जब, बहु है उनकी .....फिर क्यूँ कसब को दामाद बनाया...
कांग्रेस में रिश्तों का तिकड़म ....यारों मुझको समझ न आया .....!!
Sunil:
भ्रष्टाचारी लोकतंत्र में जनता केवल मोहरा है !
जन पीड़ा अनुमान किसे, घाव बहुत ही गहरा है !!
Devendra:
चना चिरोंजी हो गए , हड्डी बनी अचार ,
कांग्रेज़ क राज्य में दल्ले बने पत्रकार.
Peeyush:
दल्ले बने पत्रकार..भैया कलयुग है ये घोर...!!
Zero tolerance .. थे जो कहते फिरते....वही निकल आये चोर...!!!
Sunil:
पत्रकार है दल्ला बेचे गली गली में देश !
नेता बनिया सांठ गाँठ कौन बचाए देश !!
Sunil:
नेहरु ने जो बोया बीज गांधी जी के नाम पर !
देश अभी तक ढो रहा गद्दारों को छाती पर !!
Sunil:
गद्दी पाने की साजिश में देश की लूटिया डूब चली है !
घोटालों के बारूदों में जल राह तरक्की भूल चली है !!
Peeyush:
कौन बचाए देश कि... यहाँ सब हैं चोर-चुहाड़ ....
चूस लिया है देश को...खूब किया खिलवाड़...!!
Sunil:
खूब किया खिलवाड़ की भैया आई ऐसी विपदा!
हुआ कलंकित देश है इन घोटालों में लिपटा!!
Peeyush:
वो जिनको नहीं कुछ लेना ..बापू जी के काम से ...
जोड़कर रखा है बिना बात के .. गाँधी अपने नाम से ...!!
Sunil:
समाचार को तोड़ तोड़ कर भरम ढेर फैलाया है !
चोरों से ही जांच कराकर चोरी खूब छिपाया है !!
Saurabh:
चोरी खूब छिपाया भैया, डाकूओ को मिली शाबाशी,
भ्रस्टाचारी को भारतवर्ष मे कभी न होगी फासी |
Sunil:
अजब खेल में है फंस गए सारे भारतवासी !
घोटाले के बाद भी न्याय में क्यूँ ख़ामोशी !!
Saurabh:
ख़ामोशी की बात न करो, आज हुंकार उठा बिहार हैं |
ओ लालू ओ राहुल बाबा, ये शोषित मानुष की मार हैं ||
Sunil:
चलो कहीं से फूटी हैं आशा की किरणे देश में!
घोर अँधेरा छट जायेगा ऐसे जन आक्रोशों से !!
Saurabh:
अब भूल न जाना ऐ भारतवासी ये कांग्रेसी कमिसनखोरी ,
भारत माता पुकार रही हैं, अब तो बचा लो लाज मोरी |
माना मनमोहन के मन में, नहीं हैं निहित स्वार्थ ,
पर सत्ता लोलुपता में क्यों भुला दिया पुरुषार्थ |
... भुला दिया पुरुषार्थ, तो अब नचा रही हैं इतालवी छोरी,
10 जनपथ पे शीश झुका कहते हो, मैडम आई म सॉरी |
Sunil:
मनमोहन का निहित स्वार्थ तो सत्ता ही है भाई !
चिपक गए है कुर्सी से ये सोनिया जी (G) के हलुवाई !!
Sunil:
माता सोनिया के कहने से घोटाले करवाएंगे
चुप्पी ऐसी साधेंगे और माफ़ी भी मनवाएंगे
Peeyush:
अभागा ये देश है भैया ...जो ऐसे हैं लोग....
खा रहे हैं दीमक सा ...लगा रहे हैं रोग
Saurabh:
लगा ऐसा रोग की भैया, अब एक ही हैं इलाज ,
आओ मिल जुल के खतम करे , ये पाखंडी राज |
Peeyush:
ये पाखंडी राज...कि.. बिहार ने कर दिखलाया है ...
चोरो को ...लुटेरों को..जूते मार भगाया है...!!!
Saurabh:
जूते मार भगाया ऐसा की बूझ गयी लालटेन,
लालू जी डूबी लुटिया, लुट जाया सुख चैन |
Sunil:
कलमाड़ी ,राजा, चावन देश को गिरवी रखेंगे !
चंद पैसों की लालच में अपनी मां को बेचेंगे !!
कब जागेंगे देश के वासी इनको दूर भगायेंगे !
सोनिया को इटली लौटा पैसा स्विस से लायेंगे !!
Peeyush:
चवन, कलमाड़ी , राजा...सब कांग्रेस के सिपाही..
मिलकर.. देश के दामन पर...पोत रहे हैं स्याही..!!
Sunil:
कहने को जनतंत्र नाम है शासक सत्ता फिर क्यूँ है !
जब नेता सेवक कहलाते जनता शोषित फिर क्यूँ है !!
Saurabh:
आओ आपको आज सुनाये, एक खबर एकदम ताजा |
गुम होने लगे कानूनी कागज़, यार अब चैन से सोओ राजा ||
Peeyush:
सोनिया जब, बहु है उनकी .....फिर क्यूँ कसब को दामाद बनाया...
कांग्रेस में रिश्तों का तिकड़म ....यारों मुझको समझ न आया .....!!
Sunil:
भ्रष्टाचारी लोकतंत्र में जनता केवल मोहरा है !
जन पीड़ा अनुमान किसे, घाव बहुत ही गहरा है !!
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